रोज़े की हालत में रोज़ा याद होने के बावुजूद, बगैर इरादे के अपने आप मुंह भर क़ै (उल्टी vomit) हुई, और इस में से एक चने के बराबर अंदर लौटा दी, तो रोज़े का क्या हुक्म होगा।*1️⃣5️⃣
🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *~_____________________________________~* *🧮 पोस्ट 15▪️* *📝 सवाल-;* *📇 रोज़े की हालत में रोज़ा याद होने के बावुजूद, बगैर इरादे के अपने आप मुंह भर क़ै (उल्टी vomit) हुई, और इस में से एक चने के बराबर अंदर लौटा दी, तो रोज़े का क्या हुक्म होगा।* *✍️ जवाब-:* *📇 रोज़ा टूट जायेगा बाज़ लोगों को रोज़ा में क़ै (उल्टी) हो जाती है तो वह परेशान हो जाते हैं बल्कि बाज़ (कुछ) तो समझते हैं कि रोज़े में खुद बखुद क़ै हो जाने से भी रोज़ा टूट जाता है हालांकि ऐसा नहीं इसके मसाइल समझना ज़रूरी है जोकि दर्जे जेल है* *1] रोज़े में खुद बखुद कितनी ही क़ै (उल्टी) हो जाए (चाहे बाल्टी ही क्यों न भर जाए) इस से रोज़ा नहीं टूटता* *2] अगर रोज़ा याद होने के बावुजूद कसदन (यानी जानबूझ कर) क़ै (vomit) की और अगर वह मुंह भर है और क़ै में खाना या पानी या सगरा (कड़वा पानी) या खून आया तो अब रोज़ा टूट जाएगा और अगर क़ै में सिर्फ बलगम निकला तो रोज़ा नहीं टूटेगा* *मुंह भर क़ै का मतलब यह है कि उसे बे तकल्लुफ ना रोका जा सके (यानी बे इख्तियार हो)* *3] कसदन क़ै की मग...