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क्या पहनने वाले ज़ेवर पर ज़कात है या नहीं*3️⃣5️⃣

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *~_____________________________________~* *🧮 पोस्ट 35▪️* *📝 सवाल-;* *📇 क्या पहनने वाले ज़ेवर पर ज़कात है या नहीं* *✍️ जवाब-:* *📇 पहनने के ज़ेवरात पर भी ज़कात फर्ज़ है* *हुज़ूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम की ख़िदमत में एक औरत आई उसके साथ उसकी बेटी भी थी, जिसके हाथ में सोने के मोटे मोटे कंगन थे,आप सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने उस औरत से पूछा,क्या तुम इसकी ज़कात अदा करती हो उस औरत ने अर्ज़ की जी नहीं आपने इरशाद फरमाया क्या तुम इस बात से खुश हो कि क़यामत के दिन अल्लाह तआला तुम्हें इन कंगनों के बदले आग के कंगन पहना दे,ये सुनते ही उसने वह कंगन रसूल अल्लाह सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम के आगे डाल दिए और कहा ये अल्लाह तआला और उसके रसूल सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम के लिए हैं* *📚 दुर्रे मुख्तार व रद्दुल मुहतार जिल्द 1 सफ़ह 270,* *📚 सुनन अबी दाऊद जिल्द 2 सफ़ह 137 हदीस 1563* ________________________ ________________________ *💉 अपनी औलादो में आला हज़रत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क...

ज़कात वहाबी देवबंदी या गैर मुस्लिम को दे सकते हैं कि नहीं,*3️⃣4️⃣

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *~_____________________________________~* *🧮 पोस्ट 34▪️* *📝 सवाल-;* *📇 ज़कात वहाबी देवबंदी या गैर मुस्लिम को दे सकते हैं कि नहीं,* *✍️ जवाब-:* *📇 वहाबी देवबंदी और तमाम बद मज़हब फिर्क़ों को ज़कात देना ह़राम है और इनको देने से ज़कात अदा नहीं होगी,आला ह़ज़रात इमाम अह़मद रज़ा खान, काफिर मुशरिक वहाबी राफ़ज़ी क़ादियानी वगैरह को ज़कात देने के मुतअल्लिक़ तह़रीर फरमाते हैं कि इनको ज़कात देना ह़राम है और इनको देने से ज़कात अदा न होगी* *📚 फ़तावा रज़वीया शरीफ़ जिल्द 4 सफ़ह 491* *📚 फ़तावा फक़ीहे मिल्लत जिल्द 1 सफ़ह 315* *📚 फ़तावा इस्माइलिया सफ़ह 393* ________________________ ________________________ *💉 अपनी औलादो में आला हज़रत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।* *💓 हैं पुश्त-पनाह ग़ौषे आज़म​*  *क्युं डरते हो तुम रज़ा किसी से* *👏 अल्लाह हमे अपने महबूब हुज़ूर सल्लल्लाहों अलैहि वसल्लम के सदक़े तुफैल इल्मे दीन सीखने समझने और अमल करने की तौफ़िक अता करे।* *▪ امیــــــن ▪* 👑👑👑👑👑?...

वह कौन लोग हैं जिन को ज़कात नहीं दी जा सकती और उनको देने से अदा होगी या नहीं होगी*3️⃣3️⃣

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *~_____________________________________~* *🧮 पोस्ट 33▪️* *📝 सवाल-;* *📇 वह कौन लोग हैं जिन को ज़कात नहीं दी जा सकती और उनको देने से अदा होगी या नहीं होगी* *✍️ जवाब-:* *📇 बनू हाशिम यानि सादाते कराम को ज़कात नहीं दे सकते, अगर कोई सय्यद साहब परेशान हों तो उनकी पाक पैसे से मदद करें, और अपनी अस्ल यानि जिनकी औलाद में से हैं जैसे माँ, बाप, दादा, दादी, नाना नानी, वगैरह इनको भी ज़कात नहीं दे सकते अगर दिया तो अदा नहीं होगी, इसी तरह बेटा, बेटी, पोता, पोती, नवासा, नवासी, वगैरह को भी ज़कात नहीं दे सकते अगर दिया तो अदा नहीं होगी, इसी तरह बीवी शौहर को या शौहर बीवी को ज़कात नहीं दे सकती, गनी के नाबालिग बच्चे को भी ज़कात नहीं दे सकते क्योंकि वह अपने बाप की वजह से गनी शुमार होते हैं* *📚 दुर्रे मुख्तार व रद्दुल मुहतार जिल्द 3 सफ़ह 344/349/350/* *📚 फ़तावा रज़वीया शरीफ़ जिल्द 10 सफ़ह 109* *📚 फैज़ाने ज़कात सफ़ह 61*  *📚 फ़तावा इस्माइलिया सफ़ह 396* ________________________ ________________________ *💉 अपनी औलादो में आला हज़रत की मोहब्...

क्या भीख मांगने वालों को ज़कात फित्रा देने से ज़कात फित्रा अदा हो जायेगी कि नहीं*3️⃣2️⃣

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *~_____________________________________~* *🧮 पोस्ट 30▪️* *📝 सवाल-;* *📇 क्या भीख मांगने वालों को ज़कात फित्रा देने से ज़कात फित्रा अदा हो जायेगी कि नहीं* *✍️ जवाब-:* *📇 सबसे पहले यह समझना ज़रूरी है कि भीख मांगने वाले 3 तरह के होते हैं* *1:- एक मालदार! जैसे बहुत से क़ौम के फ़क़ीर जिनका पेशा ही भीख मांगना होता है जोगी और साधू उन्हें भीख मांगना ह़राम और उन्हें देना भी ह़राम ऐसे लोगों को देने से ज़कात फित्रा अदा नहीं हो सकती* *2:- दूसरे वह जो हक़ीक़त में फ़क़ीर हैं यानि निसाब के मालिक नहीं मगर मज़बूत व तंदरुस्त हैं कमाने की ताक़त भी रखते हैं हाथ पैर सब सलामत है मोटे ताज़े होने के बावजूद कोई काम नहीं करना चाहते हैं मुफ़्त खाना खाने की आदत पड़ी है जिसके सबब भीख मांगते फिरते हैं ऐसे लोगों को भीख मांगना ह़राम है और जो उन्हें मांगने से मिले वह उनके लिए ख़बीस है ह़दीस शरीफ़ में है कि لا تحل الصدقةلغنى ولالذى مرةسوى،، यानि न किसी मालदार के लिए सदक़ा ह़लाल है और न किसी तवाना तंदरुस्त के लिए* *ऐसे लोगों को भीख देना मना है कि गुनाह...

क्या एतेक़ाफ़ में बैठने वाला शख्स रोज़ा खोलने के बाद सिगरेट पी सकता है*3️⃣1️⃣

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *~_____________________________________~* *🧮 पोस्ट 31▪️* *📝 सवाल-;* *📇 क्या एतेक़ाफ़ में बैठने वाला शख्स रोज़ा खोलने के बाद सिगरेट पी सकता है* *✍️ जवाब-:* *📇 मोतकिफ़ एतेक़ाफ़ के दौरान ऐने मस्ज़िद जैसे मस्ज़िद का ह़ाल और सिहन में सिगरेट नहीं पी सकता, लेकिन फ़नाऐ मस्ज़िद में इस तरह़ सिगरेट पी सकता है कि सिगरेट का धुआँ ऐने मस्ज़िद तक न पहुंचे, और मस्ज़िद में दाख़िल होने से पहले मुंह को अच्छी तरह़ साफ़ कर ले, क्यूंकि अगर सिगरेट की बदबू ऐने मस्ज़िद तक पहुंची तो भी सिगरेट पीना जायज़ नहीं होगा, या मोतकिफ़ के मुंह में सिगरेट की बू बाक़ी हुई तो उसके लिए मस्जिद में दाख़िल होना जायज़ नहीं होगा* *📚 फ़तावा फैज़ुर रसूल जिल्द 1 सफ़ह 535* *📚 एतेक़ाफ़ के मसाइल सफ़ह 23* *👉 नोट:- अगर मोतकिफ़ सिगरेट पीने के लिए मस्ज़िद के अह़ाता से बाहर निकला तो उसका एतेक़ाफ़ टूट जायेगा* *फ़नाऐ मस्ज़िद उसे कहते हैं मस्ज़िद से मिली हुई वह जगह जो मस्ज़िद की ज़रुरियात के लिए वक़्फ़ की गई हो वह फ़नाऐ मस्ज़िद कहलाती है जैसे, वुज़ू खाना इस्तिन्जा खाना,गुस्ल...

3️⃣0️⃣क्या भीख मांगने वालों को ज़कात फित्रा देने से ज़कात फित्रा अदा हो जायेगी कि नहीं*

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *~_____________________________________~* *🧮 पोस्ट 30▪️* *📝 सवाल-;* *📇 क्या भीख मांगने वालों को ज़कात फित्रा देने से ज़कात फित्रा अदा हो जायेगी कि नहीं* *✍️ जवाब-:* *📇 सबसे पहले यह समझना ज़रूरी है कि भीख मांगने वाले 3 तरह के होते हैं* *1:- एक मालदार! जैसे बहुत से क़ौम के फ़क़ीर जिनका पेशा ही भीख मांगना होता है जोगी और साधू उन्हें भीख मांगना ह़राम और उन्हें देना भी ह़राम ऐसे लोगों को देने से ज़कात फित्रा अदा नहीं हो सकती* *2:- दूसरे वह जो हक़ीक़त में फ़क़ीर हैं यानि निसाब के मालिक नहीं मगर मज़बूत व तंदरुस्त हैं कमाने की ताक़त भी रखते हैं हाथ पैर सब सलामत है मोटे ताज़े होने के बावजूद कोई काम नहीं करना चाहते हैं मुफ़्त खाना खाने की आदत पड़ी है जिसके सबब भीख मांगते फिरते हैं ऐसे लोगों को भीख मांगना ह़राम है और जो उन्हें मांगने से मिले वह उनके लिए ख़बीस है ह़दीस शरीफ़ में है कि لا تحل الصدقةلغنى ولالذى مرةسوى،، यानि न किसी मालदार के लिए सदक़ा ह़लाल है और न किसी तवाना तंदरुस्त के लिए* *ऐसे लोगों को भीख देना मना है कि गुनाह...

किसी शख्स को मालूम नहीं कि साल के किस महीने में मालिके निसाब हुआ था, तो ज़कात किस महीने में निकाले*2️⃣9️⃣

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *~_____________________________________~* *🧮 पोस्ट 29▪️* *📝 सवाल-;* *📇 किसी शख्स को मालूम नहीं कि साल के किस महीने में मालिके निसाब हुआ था, तो ज़कात किस महीने में निकाले* *✍️ जवाब-:* *📇 शरीअत ने जितने माल पर ज़कात को फ़र्ज़ क़रार दिया है, उसको निसाब कहते हैं। और जो उस माल का मालिक हो उसको मालिके निसाब या साहिबे निसाब कहते हैं। निसाब की मिक़दार (मात्रा) सोना (Gold) का निसाब: साढ़े सात तोला (87.48 ग्राम) चाँदी (Silver) का निसाब: साढ़े बावन तोला (612.36 ग्राम) करेंसी (नक़द पैसा), बॉन्ड्स, और मालए तिजारत (व्यापार का सामान) का निसाब 52.5 तोला चाँदी की कीमत के बराबर है। अगर किसी शख्स के पास अलग-अलग तरह का माल हो, तो सबको जोड़कर देखा जाएगा। अगर कुल कीमत साढ़े बावन तोला चाँदी की कीमत के बराबर हो जाए, तो वह भी साहिबे निसाब कहलाएगा* *और अगर किसी शख्स को मालूम नहीं कि साल के किस महीने में मालिके निसाब हुआ था, तो सूरते मसऊला में हुक्म यह है कि जिस माह (महीने) में साहिबे निसाब होने का गालिब गुमान हो उस माह में ज़कात अदा करें* *📚 ...