तरावीह सुन्नत ए मुअकिदह किस किस के लिए है*1️⃣1️⃣

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*🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ*
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*🧮 पोस्ट 11▪️*

*📝 सवाल-;*
*📇 तरावीह सुन्नत ए मुअकिदह किस किस के लिए है*

*✍️ जवाब-;*
*📇 तरावीह मर्द व औरत सब के लिए बालाजम्अ सुन्नत ए मुअकिदह है इसका तर्क जायज़ नहीं इस पर ख़ुलफ़ाए राशेदिन رضی اللہ تعالٰی عنہم ने मदावमत फ़रमाई और नबी अलैहिस्सलाम का इरशाद है कि मेरी सुन्नत और सुन्नत ए ख़ुलफ़ाए राशेदीन को अपने ऊपर लाज़िम समझो और ख़ुद हुज़ूर ﷺ ने भी तरावीह पढ़ी और उसे बहुत पसंद फ़रमाया*
*📚 बहार ए शरीअत, जिल्द- 1, हिस्सा- 4, सफ़ा- 688*
*हज़रते अबु हुरैरा رضي الله تعالیٰ عنه‎‎ ने कहा कि रसूले करीम ﷺ ने फ़रमाया की जो शख़्स सिदक़ दिल और एतेक़ाद सही के साथ रमज़ान में क़याम करे यानी तरावीह पढ़े तो उसके अगले गुनाह बख़्श दिए जाते हैं*

📚 *मुस्लिम शरीफ़, जिल्द- 1, सफ़ा- 259*
📚 *मिशक़ात शरीफ़, सफ़ा- 114*

*👉 नोट; तरावीह मर्द-औरत दोनों के लिए सून्नत ए मोअक्कीदा है इसको छोड़ना ज़ाइज़ नही और ये 20 रकाते है इसका वक़्त ईशा की फर्ज पढ़ने के बाद से फज्र का वक़्त शुरू होने तक है तरावीह वित्र की नमाज पढ़ने से पहले भी पढ़ सकते हैं और बाद में भी तरावीह में एक बार क़ुरआन मजीद पढ़ना सून्नत है (और कोई हाफ़िज ना हो तो अलम तरा से पढ़े और जिसको ये सूरतें याद ना हो तो उसको जो सुरत याद है वो सुरत पढ़े*
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*💉 अपनी औलादो में आला हज़रत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।*

*💓 हैं पुश्त-पनाह ग़ौषे आज़म​* 
*क्युं डरते हो तुम रज़ा किसी से*

*👏 अल्लाह हमे अपने महबूब हुज़ूर सल्लल्लाहों अलैहि वसल्लम के सदक़े तुफैल इल्मे दीन सीखने समझने और अमल करने की तौफ़िक अता करे।*
*▪ امیــــــن ▪*


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