औ़रतों का एअ़्तिकाफ़
🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴
*🥀 औ़रतों का एअ़्तिकाफ़ 🥀*
🔛 औ़रतों के एअ़्तिकाफ़ के मसाइल
1️⃣ औ़रत को मस्जिद में एअ़्तिकाफ़ मकरूह है, बल्कि वोह घर में ही एअ़्तिकाफ़ करे उस जगह करे जो उसने नमाज़ पढ़ने के लिए मुक़र्रर कर रखी है जिसे मस्जिदे बैत कहते हैं और औ़रत के लिए येह मुस्तह़ब भी है कि घर में नमाज़ पढ़ने के लिए कोई जगह मुक़र्रर करले और चाहिए कि उस जगह को पाक स़ाफ़ रखे और बेहतर येह कि उस जगह को चबूतरह वग़ैरह की त़रह़ बलन्द करले - बल्कि मर्द को भी चाहिए कि नवाफ़िल के लिए घर में कोई जगह मुक़र्रर करले कि नफ़्ल नमाज़ घर में पढ़ना अफ़ज़ल है
*📚 बहारे शरीअ़त, जिल्द 1, ह़िस़्स़ह 5, पेज 1021, मस्अलह 4*
2️⃣ अगर औ़रत ने नमाज़ के लिए कोई जगह मुक़र्रर नहीं कर रखी है तो घर में एअ़्तिकाफ़ नहीं कर सकती, अल्-बत्तह अगर उस वक़्त यअ़्नी जब कि एअ़्तिकाफ़ का इरादह किया किसी जगह को नमाज़ के लिए ख़ास़ कर लिया तो उस जगह एअ़्तिकाफ़ कर सकती है
*📚 बहारे शरीअ़त, एअ़्तिकाफ़ का बयान, मस्अलह 5*
3️⃣ ख़ुन्सा (हीजड़ा) मस्जिदे बैत में एअ़्तिकाफ़ नहीं कर सकता
*📚 बहारे शरीअ़त, एअ़्तिकाफ़ का बयान, मस्अलह 6*
4️⃣ औ़रत ने एअ़्तिकाफ़ की मिन्नत मानी तो शौहर मिन्नत पूरी करने से रोक सकता है और अब बाइन होने या मौते शौहर (यअ़्नी शौहर के मरने) के बअ़्द मिन्नत पूरी करे - यूँही लौंडी ग़ुलाम को मालिक मनअ़् कर सकता है, येह आज़ाद होने के बअ़्द पूरी करें
*📚 बहारे शरीअ़त, एअ़्तिकाफ़ का बयान, मस्अलह 14*
5️⃣ शौहर ने औ़रत को एअ़्तिकाफ़ की इजाज़त दे दी अब रोकना चाहे तो नहीं रोक सकता
*📚 बहारे शरीअ़त, एअ़्तिकाफ़ का बयान, मस्अलह 15*
6️⃣ शौहर ने एक महीने के एअ़्तिकाफ़ की इजाज़त दी और औ़रत लगातार पूरे महीने का एअ़्तिकाफ़ करना चाहती है तो शौहर को इख़्तियार है कि येह ह़ुक्म दे कि थोड़े थोड़े करके एक महीना पूरा करले और अगर किसी ख़ास़ महीने की इजाज़त दी है तो अब इख़्तियार न रहा
*📚 बहारे शरीअ़त, एअ़्तिकाफ़ का बयान, मस्अलह 16*
👑👑👑👑👑👑👑👑👑👑
*🏁 MASLAKE AALA HAZRAT 🔴*
https://chat.whatsapp.com/I3NIYUqgOmvBN2r8fDzqIH
Comments
Post a Comment