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Showing posts from May, 2021
🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ* *🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ* *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *🧮 पोस्ट 180▪️* *📝 सवाल-;* *📇 सदक़ये फित्र में गेहूं की शुरुआत कौन से सहाबी के दौर से हुई* *✍️ जवाब-;* *📇 सदक़ये फित्र में गेहूं की शुरुआत हज़रत अमीर मुआविया रज़ियल्लाहु तआला अन्हु के दौर से हुई इससे पहले सदक़ये फित्र में खजूर मुनक्का और जौ ही दिया जाता था* *📚 क्या आप जानते हैं सफह 393* ________________________ *💉 अपनी औलादो में आला हजरत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।* *💓 हैं पुश्त-पनाह ग़ौषे आज़म​*  *क्युं डरते हो तुम रज़ा किसी से* *👏 अल्लाह हमे अपने महबूब हुज़ूर सल्लल्लाहों अलैहि वसल्लम। के सदके इल्मे दीन सीखने समझने और अमल करने की तौफ़िक अता करे।* *▪ امیــــــن ▪* *🔛((((( अगली पोस्ट जल्द )))))* 🖼🖼🖼🖼🖼🖼🖼🖼🖼🖼 *👏🏁 गदा ए फकीर रज़वी कादरी हनफी बरेलवी 🔴* *جزاک اللہ خیر* htt...
🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ* *🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ* *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *🧮 पोस्ट 178▪️* *📝 सवाल-;* *📇 क़ुरआने पाक में नमाज़ और ज़कात का कितने मर्तबा साथ मे ज़िक़्र आया है* *✍️ जवाब-;* *📇 क़ुरआने पाक में नमाज़ और ज़कात का साथ में कुल 32 मर्तबा ज़िक़्र आया हैं अल्लाह तआला ने इरशाद फ़रमाया "नमाज़ क़ायम करो और ज़कात दो" लिहाज़ा जिस तरह नमाज़ अहम फ़र्ज़ है उसी तरह ज़कात भी अहम फ़र्ज़ हैं जिसे अल्लाह तआला ने नमाज़ के साथ ज़िक़्र किया है अगर आप पर ज़कात फ़र्ज़ है तो ज़रूर अदा कीजिये उससे आपका माल महफ़ूज़ रहेगा इंशा अल्लाह* 📚 *क़ुरआनुल करीम फुरक़ानूल हमीद* ________________________ *💉 अपनी औलादो में आला हजरत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।* *💓 हैं पुश्त-पनाह ग़ौषे आज़म​*  *क्युं डरते हो तुम रज़ा किसी से* *👏 अल्लाह हमे अपने महबूब हुज़ूर सल्लल्लाहों अलैहि वसल्लम। के सदके इल्मे दीन सीखन...
🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ* *🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ* *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *🧮 पोस्ट 177▪️* *📝 सवाल-;* *📇 ऐतिकाफ की कितनी किस्में होतीै है* *✍️ जवाब-;* *ऐतिकाफ की 3 किस्में होती है* *1) ऐतिकाफे वाजिबा...* *2) ऐतिकाफे सुन्नत...* *3) ऐतिकाफे मुस्तहब...* *👉1) ऐतिकाफे वाजिबा :-*  *अव्वल वाजिब के ऐतिकाफ की मन्नत मानी मसलन यू कहा के मेरा बच्चा तन्दरूस्त हो गया तो तीन दिन ऐतिकाफ करूंगी तो बच्चे के तन्दरूस्त होने पर तीन दिन का ऐतिकाफ वाजिब होगा* *👉2) ऐतिकाफे सुन्नत :-* *20वी रमज़ान को सूरज ग़ुरूब होने से पहले ऐतिकाफ की निय्यत से मस्जिद में हो और 30वी रमज़ान को ग़ुरूब के बाद या 29 को चांद होने के बाद निकले ये ऐतिकाफ ऐ सुन्नत किफ़ाया है यानी अगर सब लोग तर्क करे तो सबसे मुतालबा होगा और शहर में एक ने कर लिया तो सब बरिउज़्ज़मा होंगे* *👉3) ऐतिकाफे मुस्तहब :-*  *ऐतिकाफ की तीसरी किस्म मुस्तहब है जिसके लिए न रोज़ा शर्त है और न ख़ास वक़्त मुक़र्रर है इसकी आसान सूरत ये है के जब भी मस्जिद मे...
🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ* *🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ* *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *🧮 पोस्ट 176▪️* *📝 सवाल-;* *📇 हजरत अली करम वल्लाहुल वजहुल करीम की शहादत किस रोज हुई* *✍️ जवाब-;* *📇 हज़रत उक्बा बिन अबी सहबा कहते हैं कि जब बदबखत इब्ने मुल्जिम ने आप पर तल्वार का वार किया यानी आप ज़ख्मी हो गए तो हज़रत इमाम हसन रज़ियल्लाहु तआला अन्हु रोते हुए आप की ख़िदमत में आए आप ने उन को तसल्ली दी और फरमाया बेटे मेरी चार बातों के साथ चार बातें याद रखना हज़रत इमाम हसन ने अर्ज़ किया वह क्या हैं फरमाइये हज़रत अली रज़ियल्लाहु तआला अन्हु ने इरशाद फरमाया अव्वल सबसे बड़ी तवंगरी (मालदारी) अक्ल की तवानाई है दूसरे बेवकूफी से ज़्यादा कोई मुफ्लिसी और तंगदस्ती नहीं तीसरे गुरूर और घमंड सब से सख्त वहशत है चौथे सब से अज़ीम खुल्क (आदत) करम है हज़रत इमाम हसन रज़ियल्लाहु तआला अन्हु ने अर्ज़ किया कि दूसरी चार बातें भी बयान फरमाएं आप ने इरशाद फरमाया कि अव्वल अहमक की सोहबत से बचो इस लिये कि नफा पहुंचाने का इराद...
🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ* *🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ* *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *🧮 पोस्ट 175▪️* *📝 सवाल-;* *📇 1, 2 या 3 दिन का एतेक़ाफ करना कैसा है* *✍️ जवाब-;* *📇 इमाम हुसैन रज़ियल्लाहु तआला अन्हु का क़ौल है कि हुज़ूर सल्लललाहो तआला अलैही वसल्लम फरमाते हैं जिसने रमज़ान में 10 दिनों का एतेक़ाफ किया तो उसे 2 हज व 2 उमरे का सवाब मिलेगा* *📚 ( बहारे शरीअत, हिस्सा- 5, सफह- 146 )* *👉 नोट; किसी ने मन्नत मानी कि मेरा ये काम होगा तो मैं 1, 2 या 3 दिन का एतेक़ाफ करूंगा तो उतने दिन का एतेक़ाफ उस पर वाजिब होगा ।* ________________________ *💉 अपनी औलादो में आला हजरत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।* *💓 हैं पुश्त-पनाह ग़ौषे आज़म​*  *क्युं डरते हो तुम रज़ा किसी से* *👏 अल्लाह हमे अपने महबूब हुज़ूर सल्लल्लाहों अलैहि वसल्लम। के सदके इल्मे दीन सीखने समझने और अमल करने की तौ...
🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ* *🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ* *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *🧮 पोस्ट 173▪️* *📝 सवाल-;* *📇 रोज़े की हालत में खुश्क या पानी में तर मिस्वाक करनाा कैसा है* *✍️ जवाब-;* *📇 रोजे में मिस्वाक करना मकरूह नही बल्कि जैसे और दिनों में सुन्नत है रोजे में भी मसनून है मिस्वाक अगर चे खुश्क हो या पानी से तर हो ज्वाल से पहले करे या बाद किसी वक़्त मकरूह नही (आम्मए कुतुब) अकसर लोगो मे मशहूर है कि दोपहर बअद रोजेदार के लिए मिस्वाक करना मकरूह है यह हमारे मज़हब कर खिलाफ है* *📚 बहारे शरीयत, हिस्सा- 5, सफह- 95* ________________________ *💉 अपनी औलादो में आला हजरत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।* *💓 हैं पुश्त-पनाह ग़ौषे आज़म​*  *क्युं डरते हो तुम रज़ा किसी से* *👏 अल्लाह हमे अपने महबूब हुज़ूर सल्लल्लाहों अलैहि वसल्लम। के सदके इल्मे दीन सीखने समझने और अमल करने की...
🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ* *🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ* *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *🧮 पोस्ट 172▪️* *📝 सवाल-;* *📇 जंग ए बद्र में कुल कितने सहाबा ﺭﺿﻲ ﺍﻟﻠﻪ ﺗﻌﺎﻟﻲ ﻋﻨﻪ शहादत से सरफराज हुए थे और उनमें मुहाजिर और अन्सार कितने सहाबा ﺭﺿﻲ ﺍﻟﻠﻪ ﺗﻌﺎﻟﻲ ﻋﻨﻪ थे* *✍️ जवाब-;* *📇 जंगे बद्र में कुल 14 सहाबा ﺭﺿﻲ ﺍﻟﻠﻪ ﺗﻌﺎﻟﻲ ﻋﻨﻪ शहादत से सरफ़राज़ हुए जिन में से 6 मुहाजिर और 8 अन्सार थे* *शोहदाए मुहाजिरिन के नाम ये है 👇* *01 हज़रते उबैदा बिन अल हारिष* *02 हज़रते उमैर बिन अबी वक़्क़ास* *03 हज़रते जुशशिमालैन बिन अब्दे अम्र* *04 हज़रते आकिल बिन अबू बुकैर* *05 हज़रते महजअ* *06 हज़रते सफ्वान बिन बैज़ा* *अन्सार के नामो की फेहरिस्त ये है 👇*  *07 हज़रते साद बिन खैषमा* *08 हज़रते मुबशशिर बिन अब्दुल मुन्ज़िर* *09 हज़रते हारिषा बिन सुरक़ा* *10 हज़रते मुअव्वज़ बिन अफराअ* *11 हज़रते उमैर बिन हमाम* *12 हज़रते राफेअ बिन मुअल्ला* *13 हज़रते औफ़ बिन अफ़रा* *14 हज़रते यज़ीद बिन हारिष* *इन शुहदाए बद्र में से 13 हज़रात त...
🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ* *🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ* *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *🧮 पोस्ट 171▪️* *📝 सवाल-;* *📇 आज रमज़ान मुबारक का महीना चल रहा है और गर्मी बहुत पड़ रहीं हैं वो क्या चीज हैं जिस्से गर्मी में ठंडक हासिल होती है* *✍️ जवाब -;* *📇 हदीसे पाक में आता है कि तरबूज़ से गर्मी में ठंडक हासिल होती है हज़रत आ़इशा रदियल्लाहु अन्हा फ़रमाती हैं कि आक़ा ﷺ तरबूज़ को तर खजूर के साथ मिलाकर खाया करते थे और फ़रमाया करते थे हम खजूर की गर्मी को तरबूज़ की ठंडक से और तरबूज़ की ठंडक को खजूर की गर्मी से तोड़ते हैं और आला हज़रत इमाम अहमद रज़ा खान एक रिवायत को नक़ल करते हुए तहरीर फ़रमाते हैं "खाने से पहले तरबूज़ का खाना पेट को ख़ूब धो देता है और बीमारी को जड़ से ख़त्म कर देता है* *📚 अबू दाऊद शरीफ, हदीस- 3836* 📚 *फतावा रज़विय्या, जिल्द- 5, सफा- 442* ________________________ ________________________ *💉 अपनी औलादो में आला हजरत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना ...
🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ* *🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ* *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *🧮 पोस्ट 170▪️* *📝 सवाल-;* *📇 इमामे हसन रज़ियल्लाहु तआला अन्हु का नाम किस नबी अलैहिस्सलाम के साहिबजादे के नाम पर रखा गया हैं* *✍️ जवाब-;* *📇 हज़रत इमाम हसन रज़ियल्लाहु तआला अन्हु 15 रमज़ानुल मुबारक 3 हिजरी में पैदा हुए रसूले अकरम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने हज़रत अली रज़ियल्लाहु तआला अन्हु से फरमाया कि इस बच्चे का नाम रखो उन्हों ने अर्ज़ किया या रसूलल्लाह इस का नाम आप रखें हुजूर ﷺ ने फरमाया मैं इस बच्चे का नाम वह रखूगा जो खुदाए तआला फरमाएगा तो हज़रते जिब्रील अलैहिस्सलाम नाज़िल हुए और अर्ज़ किया या रसूलल्लाह खुदाए अज़्ज़ व जल इस साहिब जादा की पैदाइश पर आप को मुबारकबाद पेश करता है और फरमाता है कि इस का नाम हज़रत हारून अलैहिस्सलाम के साहिब ज़ादे शब्बर का नाम रखो जिस के माना हैं हसन तो हुजूर ﷺ ने आप का नाम हसन रखा और कुन्नियत अबू मुहम्मद फिर पैदाइश के सात्वें दिन आप का अक़ीक़ा किया बाल मुंडव...
🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ* *🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ* *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *🧮 पोस्ट 168▪️* *📝 सवाल-;* *📇 ऐसा हाफिज़े कुरआन जो दाढ़ी कतरवा कर हमेशा एक मुश्त से कम रखता हैं उसके पीछे नमाजे तरावीह पढ़ना कैसा हैं* *✍️ जवाब-;* *📇 एक मुश्त दाढ़ी रखना वाजिब है एक मर्तबा भी कटवा कर एक मुश्त से कम करने वाला गुनाहगार है और उसे कटवा कर एक मुश्त से कम रखने का आदी है तो उसके पीछे नमाज़ पढ़ना मकरूह तहरीमी वाजिबुल एआदा है तरावीह सुन्नते मुअक्किदह है लेकिन ऐसे शख़्स के पीछे पढ़ने के बाद दोबारा पढ़ना वाजिब है* *📚 फ़तावा फैज़ुर्रसूल, जिल्द- 1, सफ़ह- 313* ________________________ ________________________ *💉 अपनी औलादो में आला हजरत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।* *💓 हैं पुश्त-पनाह ग़ौषे आज़म​*  *क्युं डरते हो तुम रज़ा किसी से* *👏 अल्लाह हमे अपने महबूब हुज़ूर सल्लल्लाहों अलैहि वसल्लम। ...
🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🖼ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ* *السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ🖼* *अल्लाह के नाम से शुरू जो बहुत मेहरबान रहमत वाला..* *🕋 الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ 🕋* *👉 post 278 ✔️*  *📝SAWAL-:* *📇 Kya Rozadaar Ka Sona Ibadat Hai* *✍ JAWAB-;* *📇 Rasool’Allah ﷺ Ne Farmaya Ki Rozadaar Ka Sona Ibadat Aur Uski Khamoshi Tasbeeh Karna Aur Uski Dua Qubool Aur Uska Amal Maqbool Hota Hai* *📚 (Shau'bul Imaan-Hadith 3938)* -------------------------------------------------------------------------------- *⚔ SULHE KULLI NABI KA NAHI SUNNIYO ⚔*  *⚔ SUNNI MUSLIM HAI SACHCHA NABI KE LIYE ⚔* *🌴Kabe K Badrud Duja Tumpe Karodoñ Darood.........🌴* *📿Tayba Ke Samsud Doha Tumpe Karodon Darood...........📿* *👑Mere Ustaad-e-Mohtram Farmate Hai👇🏼👇🏼👇👇* *🌹Lakh Jalte Rahr Dusmane Azhari* *🌹Sar Patakte Rahe Dusmane Azhari* *🌹Ilteza hai ye RaBBe DoAlam se Haque* *🌹Faize TAJUSHSRIYHA Salamat Rahe* *📝 अल्ला...
🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ* *🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ* *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *🧮 पोस्ट 165▪️* *📝 सवाल-;* *📇 रोज़े की कितनी क़िस्में है* *✍️ जवाब-:* *📇 रोज़े की पाँच क़िस्में है* *1) फर्ज़* *2) वाजिब* *3) नफ्ल* *4) मकरूहे तन्ज़ीही* *5) मकरूहे तहरीमी* *फर्ज़ व वाजिब की दो क़िस्में है मुअय्यन व ग़ैर मुअय्यन फर्ज़े मुअय्यन जैसे क़ज़ाए रमज़ान यअनी रमज़ान का रोज़ा जो छूट गया और रोज़ा ए कफ्फारा जो कफ्फारा लाज़िम होने पर रखा जाए वाजिबे मुअय्यन जैसे नज़रे मुअय्यन वाजिबे ग़ैर मुअय्यन जैसे नज़रे मुतलक़ नफ्ल दो हैं नफ्ले मसनून नफ्ले और नफ्ले मुस्तहब* *नफ्ले मसनून:— जैसे आशूरा यअनी दसवीं मुहर्रम का रोज़ा और उसके साथ नवीं का भी* *नफ्ले मुस्तहब:— हर महीने में तेहरवीं, चौदहवीं पन्द्रहवीं और अरफे का रोज़ा पीर और जुमेरात का रोज़ा। शश ईद के रोज़े यअनी ईद के छह रोज़े, दाऊद अलैहिस्सलाम के रोज़े यअनी एक दिन रोज़ा एक दिन का इफ्तार* *मकरूहे तन्ज़ीही:— जैसे सिर्फ हफ्ते के दिन रोज़ा रखना, नैरो...
🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ* *🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ* *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *🧮 पोस्ट 164▪️* *📝 सवाल-;* *📇 रोज़े के कितने दर्जे हैं* *✍️ जवाब-;* *📇 रोज़े के तीन दर्जे हैं* *1-: आम लोगों का रोज़ा कि यही पेट और शर्मगाह को खाने पीने, जिमा हम्बिस्तरी से रोकना* *2-: खवास का रोज़ा कि उनके अलावा कान, आँख ज़बान, हाथ, पाँव और तमाम आज़ा को गुनाह से बाज़ रखना* *3-: खासुलखास का रोज़ा कि अल्लाह तआला के अलावा तमाम चीज़ों से अपने को पूरी तरह जुदा करके सिर्फ उसी की तरफ़ मुतवज्जेह रहना* 📚 *बहारे शरीअत, पाँचवाँ हिस्सा, सफ्हा- 73* ________________________ ________________________ *💉 अपनी औलादो में आला हजरत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।* *💓 हैं पुश्त-पनाह ग़ौषे आज़म​*  *क्युं डरते हो तुम रज़ा किसी से* *👏 अल्लाह हमे अपने महबूब हुज़ूर सल्लल्लाहों अलैहि वसल्लम। के सदके इल्मे ...
🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ* *🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ* *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *🧮 पोस्ट 163▪️* *📝 सवाल-;* *📇 रमज़ान का एक रोज़ा जो बिला किसी उज़्रे शरई जान बुझ कर ज़ाए कर देना ( छोड़ना ) कैसा है* *✍️ जवाब-;* *📇 रमज़ान का एक रोज़ा जो बिला किसी उज़्रे शरई जान बुझ कर ज़ाए कर दे तो अब उम्र भर भी अगर रोज़े रखता रहे तब भी इस छोड़े हुए एक रोज़े की फ़ज़ीलत को नहीं पा सकता हज़रते अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु तआला अन्हु से रिवायत है नबी करीम सल्लल्लाहु तआला अन्हु फरमाते है जिसने रमज़ान के एक दिन का रोज़ा बगैर रुखसते मर्ज़ न रखा तो ज़माने भर का रोज़ा भी इस की क़ज़ा नहीं हो सकता अगर्चे बाद में रख भी ले* *📚 सहीह बुखारी हदीस 1934*  *👉 नोट; यानी वो फ़ज़ीलत जो रमज़ान में रोज़ा रखने की थी अब किसी तरह नहीं पा सकता लिहाज़ा हमें हरगिज़ हरगिज़ गफलत का शिकार हो कर रोज़ ए रमज़ान जेसी अज़ीमुश्शान नेमत नहीं छोड़नी चाहिए ।* ________________________ ________________________ *💉 अपनी औलादो में आला हजरत की मोहब्बत डाल दो व...
🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ* *🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ* *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *🧮 पोस्ट 162▪️* *📝 सवाल-;* *📇 क्या रमज़ान की रातों में शौहर और बीवी का हमबिस्तर होना गुनाह हैं* *✍️ जवाब-;* *📇 अवाम मे कुछ लोग ऐसा ख़्याल करते है हालाँकि यह उनकी ग़लतफहमी है माहे रमज़ान मे इफ़्तार के वक़्त से ख़त्मे सहरी तक रात मे जिस तरह खाना पीना जाइज़ है उसी तरह बीवी और शौहर का हमबिस्तर होना और सोहबत व मुजामअत बिला शक जाइज़ है और बकसरत अहादीस से साबित है बल्कि कुर्आन शरीफ़ मे ख़ास इसकी इजाज़त के लिए आयते करीमा नाजिल़ फरमाई गई* *👇इरशादे बारी तआला है👇*  *तर्जमा :- तुम्हारे लिऐ रोज़े की रातों में औरतों से सोहबत हलाल की गई वो तुम्हारे लिए लिबास हैं तुम उनके लिए लिबास* 📚 *पारा 2 रूकूअ 7* 📚 *गलत फ़हमियाँ और उनकी इस्लाह सफहा 71* ________________________ ________________________ *💉 अपनी औलादो में आला हजरत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।...
🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ* *🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ* *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *🧮 पोस्ट 161▪️* *📝 सवाल-;* *📇 रोज़ा किन चीजों से मकरूह नहीं होता*   *✍️ जवाब -;*  *( 1 ) मिस्वाक करना* *( 2 ) बदन पर या सर पर तेल की मालिश करना*  *( 3 ) सुर्मा लगाना*  *( 4 ) खुशबू सूंघना या लगाना*  *( 5 ) ठन्डक के लिये गुस्ल करना*  *( 6 ) मक्खी या धुवाँ का अनजाने में हलक से उतर जाना*  *( 7 ) भूले से किसी चीज़ का खा लेना या पी लेना इन चीजों से रोज़ा न तो टूटता है और न तो मकरूह होता है* *📚 इस्लामी तालीम, सफा नं. 67,68* ________________________ ________________________ *💉 अपनी औलादो में आला हजरत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।* *💓 हैं पुश्त-पनाह ग़ौषे आज़म​*  *क्युं डरते हो तुम रज़ा किसी से* *👏 अल्लाह हमे अपने महबूब हुज़ूर सल्लल्लाहों अलैहि वसल्लम। के स...
🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ* *🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ* *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *🧮 पोस्ट 160▪️* *📝 सवाल-;* *📇 कौन कौन सी चीजें रोज़े में मुस्तहब हैं*  *✍️ जवाब -;*  *📇 ( 1 ) सहरी खाना*  *( 2 ) सहरी आखिर वक्त में खाना* *( 3 ) रात से नीयत करना* *( 4 ) इफ्तार में जल्दी करना*  *( 5 ) छुहारे या खजूर और अगर यह न हो तो पानी से इफ्तार करना*  *( 6 ) ज़बान को बुरी बातों से बचाना* *📚 इस्लामी तालीम, सफा नं. 67,68* ________________________ ________________________ *💉 अपनी औलादो में आला हजरत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।* *💓 हैं पुश्त-पनाह ग़ौषे आज़म​*  *क्युं डरते हो तुम रज़ा किसी से* *👏 अल्लाह हमे अपने महबूब हुज़ूर सल्लल्लाहों अलैहि वसल्लम। के सदके इल्मे दीन सीखने समझने और अमल करने की तौफ़िक अता करे।* *▪ امیــــــن ▪* *🔛((((( अगली पोस्ट जल्द ...
🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ* *🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ* *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *🧮 पोस्ट 159▪️* *📝 सवाल-;* *📇 क्या बगैर नीयत के रोज़ा हो जायेगा और क्या ज़बान से नीयत करनी ज़रूरी है* *✍️ जवाब -;*  *📇 बगैर नीयत के रोज़ा नहीं होगा रोजा के लिये नीयत शर्त है ज़बान से नीयत करनी ज़रूरी नहीं दिल से नीयत कर लेना काफी है*  *📚 इस्लामी तालीम, सफा नं. 67,68* *👉 नोट; पर बेहतर है ज़बान से नीयत कर लेना* ________________________ ________________________ *💉 अपनी औलादो में आला हजरत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।* *💓 हैं पुश्त-पनाह ग़ौषे आज़म​*  *क्युं डरते हो तुम रज़ा किसी से* *👏 अल्लाह हमे अपने महबूब हुज़ूर सल्लल्लाहों अलैहि वसल्लम। के सदके इल्मे दीन सीखने समझने और अमल करने की तौफ़िक अता करे।* *▪ امیــــــن ▪* *🔛((((( अगली पोस्ट जल्द )))))* 🖼🖼🖼🖼🖼🖼🖼🖼...
🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ* *🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ* *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *🧮 पोस्ट 158▪️* *📝 सवाल-;* *📇 अय्यामे तशरीक किसे कहते हैं और किन लोगों पर रमज़ान शरीफ़ के रोज़े फ़र्ज़ हैं* *✍️ जवाब -;*  *📇 ज़िलहिज्जा की ग्यारहवीं, बारहवीं, तेरहवीं तारीख को अय्यामे तशरीक कहते हैं और मुसलमान आकिल, बालिग, मर्द औरत पर (इस शर्त के साथ कि कोई उजे शरी न हो)* *📚 इस्लामी तालीम, सफा नं. 67,68* ________________________ ________________________ *💉 अपनी औलादो में आला हजरत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।* *💓 हैं पुश्त-पनाह ग़ौषे आज़म​*  *क्युं डरते हो तुम रज़ा किसी से* *👏 अल्लाह हमे अपने महबूब हुज़ूर सल्लल्लाहों अलैहि वसल्लम। के सदके इल्मे दीन सीखने समझने और अमल करने की तौफ़िक अता करे।* *▪ امیــــــن ▪* *🔛((((( अगली पोस्ट जल्द )))))* 🖼🖼🖼🖼🖼🖼🖼🖼🖼🖼 *👏🏁 गदा ए...
🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ* *🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ* *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *🧮 पोस्ट 157▪️* *📝 सवाल-;* *📇 क्या शरीअत में रोज़े मकरूह और हराम भी हैं* *✍️ जवाब -;*  *📇 जी हां जैसे जुमेरात या सनीचर का रोज़ा मिलाये बगैर सिर्फ जुमा के रोजा का एहतेमाम से रखना मकरूह है और साल भर में पाँच रोज़े हराम हैं ईदुल फित्र (ईद) ईदुल अज़हा (बकर ईद) के दो रोजे और तीन रोजे अय्यामे तशरीक के हराम हैं* *📚 इस्लामी तालीम, सफा नं. 67,68* ________________________ ________________________ *💉 अपनी औलादो में आला हजरत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।* *💓 हैं पुश्त-पनाह ग़ौषे आज़म​*  *क्युं डरते हो तुम रज़ा किसी से* *👏 अल्लाह हमे अपने महबूब हुज़ूर सल्लल्लाहों अलैहि वसल्लम। के सदके इल्मे दीन सीखने समझने और अमल करने की तौफ़िक अता करे।* *▪ امیــــــن ▪* *🔛((((( अगली पोस्ट जल्द ))))...
🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ* *🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ* *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *🧮 पोस्ट 156▪️* *📝 सवाल-;* *📇 फ़र्ज़ रोज़े कितने हैं और कौन से रोज़े सुन्नत हैं* *✍️ जवाब : -*  *📇 साल भर में एक महीने के यानी रमज़ान शरीफ़ के रोज़े फर्ज हैं और आशूरा का अरफ़ा यानी नवीं ज़िलहिज्जा और अय्यामे बीज़ यानी हर माह की तेरहवीं चौदहवीं पन्द्रहवीं के रोज़े मसनून हैं हदीस शरीफ में अय्यामे बीज़ के रोज़ों की बहुत फजीलत आई है*  *📚 इस्लामी तालीम, सफा नं. 67,68* ________________________ ________________________ *💉 अपनी औलादो में आला हजरत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।* *💓 हैं पुश्त-पनाह ग़ौषे आज़म​*  *क्युं डरते हो तुम रज़ा किसी से* *👏 अल्लाह हमे अपने महबूब हुज़ूर सल्लल्लाहों अलैहि वसल्लम। के सदके इल्मे दीन सीखने समझने और अमल करने की तौफ़िक अता करे।* *▪ امیــــــن ▪*...

MIX POST 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

Mahe Ramzanul Mubarak ki Chand Rat ka wazifa / Lailatul Jaiza ka Amal

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 🥀 *Mahe Ramzanul Mubarak ki Chand Rat ka wazifa / Lailatul Jaiza ka Amal* 🥀 Ye amal apko Mahe Ramzanul Mubarak ki Chand Rat me yani ke Lailatul Jaiza me karna hai. Ye amal apko bad namaz e isha ke karna hai..ek din ka amal hai Ramzan ki chand raat me Karna hai. Is amal ke bade fazail dekhne milte hai.... 🎯 *Amal ka Tariqa*  *Sabse pahle koi bhi Durud Sharif 500 martaba parhle* *Uske bad 19 martaba surah Fateha parhna hai* *Uske bad 170 martaba* *Surah Al-Hashr ki neeche di gai ayat ko parhna hai* بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ 24. هُوَ اللَّهُ الْخَالِقُ الْبَارِئُ الْمُصَوِّرُ ۖ لَهُ الْأَسْمَاءُ الْحُسْنَىٰ ۚ يُسَبِّحُ لَهُ مَا فِي السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ ۖ وَهُوَ الْعَزِيزُ الْحَكِيمُ *Huwal Laahul Khaaliqul Baari 'ul Musawwir; lahul Asmaaa'ul Husnaa; yusabbihu lahoo maa fis samaawaati wal ardi wa Huwal 'Azeezul Hakeem* *Uske bad fir se Durud Sharif 500 martaba parhle* Ye amal mukammal hone k bad me bargahe ilahi me apne kaksad ke liye...

तमाम दिल आजिज़ दोस्तों, एहबाब को ईद उल फित्र की बहुत बहुत मुबारकबाद

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🥀 तमाम दिल आजिज़ दोस्तों, एहबाब को ईद उल फित्र की बहुत बहुत मुबारकबाद 🥀* *✏️ अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाहि व बरकातहु* अल्लाह तआला से दुआ है इस रमज़ान में की गई इबादतों को कुबूल फरमाकर, तमाम बिरादरान और पूरी उम्मत के घर खुशियों से भर दे तमाम बीमारियों से और इस वबा (Corona Virus) से हिफाज़त फरमाकर मुकम्मल तौर से शिफा अता फरमाए अपने हबीब सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के सदके तमाम आलम के मुसलमानों के जान, माल, इज़्ज़त, आबरू की हिफाज़त फरमा और फिलिस्तीनियों की गैब से मदद फरमा ऐ मेरे मौला ऐ करीम हम सबके बीच आपस में मोहब्बत व इत्तेहाद को खूब खूब मज़बूत कर  *आमीन या रब्बुल आलमीन* 🤲🏻 👑👑👑👑👑👑👑👑👑👑 *👏🏁 गदा ए फकीर रज़वी कादरी हनफी बरेलवी 🔴*

ईद उल फितर की नमाज का तरीका

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🥀 ईद उल फितर की नमाज का तरीका 🥀* ✏️ पहले नियत करें इस तरह नियत की मैने 2 रकात नमाज ईद उल फितर कि *वाजिब* 6: जाईद तकबीरों के साथ वास्ते अल्लाह ताला के मुंह मेरा काबा शरीफ़ की तरफ पीछे इस इमाम के *अल्लाहु अकबर*  कहकर हांथ इमाम और मुक़तदी दोनो को बांध लेना है फिर सना पढ़े  *उसके बाद 3 ज़ायद तकबीर होंग्गी* 1️⃣ पहली तकबीर कहकर हाथ कानो तक उठाकर छोड़ देना है 2️⃣ इसी तरह दूसरी तकबीर कहकर हाथ कानों तक उठाकर छोड़ देना है 3️⃣ अब तीसरी तकबीर कहकर हाथ कानो तक उठाकर बांध लेना है उसके बाद इमाम किरात करेगा यानी सूरह फातिहा और कोई सूरत पढ़ेगा और रुकू सजदा करे अब पहली रकात मुकम्मल हो गई दूसरी रकात के लिए उठते ही इमाम किरात करेगा यानी सूरह फातिहा और कोई सूरत पढेगा उसके बाद रुकू में जाने से पहले 3 ज़ायेद तकबीर होंगी 1️⃣ पहली तकबीर कहकर हाथ कानों तक उठा कर छोड़ देना है 2️⃣ दूसरी तकबीर कहकर हाथ कानों तक उठाकर छोड़ देना है 3️⃣ तीसरी तकबीर कहकर हाथ कानों तक उठा कर छोड़ देना है यहां तक ज़ायेद तकबीर मुकम्मल हो गई अब उसके बाद बगैर हाथ उठाये तकबीर कहकर रुकू में जाएंगे और बस आग...

आप सभी को ईदुल फ़ित्र मुबारक हो

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴   *🥀 आप सभी को ईदुल फ़ित्र मुबारक हो 🥀*   *🌹 السلام علیکم و رحمۃ اللہ و برکاتہ 🌹* ✏️ मसलके आला हज़रत ग्रुप की जानिब से तमाम आशिकाने आ'ला हज़रत को ईदुल फ़ित्र बहुत बहुत मुबारक हो ✏अल्लाह तबरक व तआला रमजा़नुल मुबारक की बरकत से हम सबके सग़ीरा कबीरा गुनाहों को मुआफ फरमाए और इसी तरह मौला तआला रमजा़नुल मुबारक के अलावा दीगर महीनों में भी खूब खूब इबादत करने की तोफ़ीक अता फरमाए ✏मौला तआला हम सबको कहने सुनने से ज़्यादा अमल करने वाला बनाए दुनियां से ज़्यादा आखिरत कमाने की तौफीक़ अता फरमाए हमारे दिलों में हुज़ूर नबी करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम की सच्ची पक्की मुहब्बत पैदा फरमाकर शरीअते मुताहिरा पर अमल करने वाला बनाए ✏मौला तआला हम सबको कॉरोना जैसी वबा से महफूज़ फरमाए और जल्द से जल्द इस वबा का ख़ातिमा फरमाए मौला तआला हम सबको हर बला हर मुसीबत से महफूज़ फरमाए ख़ैर के साथ उम्र ए तवील अता फरमाए 💐 *آميــــــــــــــــــــن یا رب العالمین بجاه سيد الانبياء والمرسلين صلی اللہ تعالی علیہ وسلم*💐 👑👑👑👑👑👑👑👑👑👑 *👏🏁 गदा ए फकीर रज़वी कादरी हनफी बरेलवी 🔴*

ईद के दिन शैतानी तोहफे

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🥀 ईद के दिन शैतानी तोहफे 🥀* ✏️ रमज़ान का महीना ख़त्म होने को है ईद करीब आ रही है शहर में एलान हो रहा है दीवारों पर पोस्टर चिपकायें जा रहे हैं ईद के दिन का ख़ास तोहफा फलानी स्पेशल पिक्चर फलां हाल में लग रही है बुकिंग जारी है जल्दी कीजिये और हजारों मुसलमान लड़के लड़कियां नमाज़ होते ही थियेटर और सिनेमा हालों में घुस गये या घरों में टी.बी. खोलकर बैठ गये ये ईद मनाई जा रही है लगता है कि जैसे अल्लाह तआला को धोखा देने की कोशिश की जा रही है लेकिन यह अल्लाह तआला को धोखा क्या देंगे यह खुद ही बड़े धोखे में है और शैतान का कहना मानने वाले कभी फायदे में नहीं रहते यह खुदाई दीन के साथ खिलवाड़ करने वाले यह इस्लामी त्योहारों की आड़ में फिल्में देखने और दिखाने वाले खुदाई पकड़ से निकल नहीं सकेंगे और मौत से पंजा छुड़ाकर भाग नहीं पायेंगे अब जो कर सको वह कर लो खूब अच्छी तरह जान लो अल्लाह तआला को रूलाते देर नहीं लगती पलक झपकने में कुछ का कुछ हो जाता है ज़रा सी देर में आँखों के सामने अन्धेरे छा जाते हैं जहाँ कहकहे और ठठ्ठे लग रहे थे वहाँ चींखे निकल जाती हैं और अल्लाह तआला जो चाहे वह कर स...

चाँद देखने, ईद करने से मुतआलिक मशवरह

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🥀 चाँद देखने, ईद करने से मुतआलिक मशवरह 🥀* ✏️ ईद-उल-फितर के चाँद के बारे में लोग बहुत परेशान रहते हैं। सारी सारी रात इधर उधर फिरते और जागते हैं जब कि हदीसे पाक में रसूले पाक का साफ इरशाद है कि *29* को चाँद देखा जाये तो ठीक अगले दिन रोज़ा न रखो ईद मनाओ और बादल, गर्द, गुबार किसी वजह से नज़र न आये तो तीस रोज़े पूरे करो। अगर आपको या आपकी बस्ती वालों को *29* का चाँद दिखाई न दिया और आप तक शरअन सबूत भी न पहुँचा तो भले ही दूसरे मकामात पर ईदें मनाई जायें लेकिन आपने रोज़ा रखा आप पर हरगिज़ कोई गुनाह नहीं जब गुनाह नहीं तो फ़िर परेशान होने और भागे भागे फिरने की क्या ज़रूरत है। और अल्लाह तआला दिलों के हालात व ख्यालात को खूब जानता है और अज़ाब व सवाब की कुन्जी उसी के हाथ में है और वह परवरदिगार निहायत करीम व रहीम है और वह हर जान पर उतना ही बोझ डालता है जो उसके बस की बात है। और मुफ्तियाने किराम को चाहिये कि जब आसमान साफ़ हो तो एक दो बस्तियों के दस बीस लोगों के कहने से चाँद होने का फ़तवा न दें यह ही हुक्मे शरअ है और अब तो दुनियाँ में झूठे मक्कार फरेबकार धोखेबाज़ों की तादाद बहुँत ज़...

ईद से मुताल्लिक कुछ बाते

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🥀 ईद से मुताल्लिक कुछ बाते 🥀* ✏️ ईद इस्लामी त्यौहार है और इस दिन कुदरती तौर पर हर मुसलमान को फितरी खुशी हासिल होती है और यह अल्लाह तआला - का खुसूसी करम है कि उसने बनाम इस्लाम मुसलमानों को जो मज़हब अता फरमाया उसमें इन्सानी फ़ितरत के तकाज़ों से महरूम नहीं रखा गया खुशी मनाना खुश रहना इन्सानी फितरत है बल्कि एक हदीस का मफहूम है कि मोमिन मोमिन से मुस्कराकर हँसमुख चेहरे के साथ मुलाकात करता है तो इसमें भी उसको सवाब मिलता है। और ईद एक ऐसा त्यौहार है कि इसमें बस्ती से बाहर जाकर खुले आसमान के नीचे अल्लाह तआला की इबादत भी होती है और त्यौहार की खुशी भी। हदीस में आया है कि रमज़ान के रोज़े रखकर कुछ बन्दगाने खुदा ईदगाह में ईद की नमाज़ पढ़ने के लिये जमा होते हैं और वह जब घरों को लौटते हैं इससे पहले उनके सारे गुनाह माफ कर दिये जाते हैं और उनकी बख्शिश और मगफिरत का ऐलान फ़रिश्तों में कर दिया जाता है। ईद की नमाज़ ईदगाह में पढ़ना सुन्नत है लेकिन मस्जिद में भी जायज़ है ईद के दिन मिसवाक करना, गुस्ल करना, खुश्बू लगाना, ईदगाह को एक रास्ते से जाना और दूसरे रास्ते से वापस आना सुन्नत है ईदग...

यह फैशन है या पागलपन

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🥀 यह फैशन है या पागलपन 🥀* ✏️ ईद के दिन ख़ुदाये तआला दे तो अच्छे उम्दा साफ़ सुथरे या नये कपड़े पहनना मुस्तहब है लेकिन मौजूदा दौर के फैशनेबल कपड़ों से बचना ज़रूरी है अफ़सोस की बात है कि ईद एक खालिस इस्लामी त्यौहार है लेकिन इसके लिये भी आज के नौजवान लड़के लड़कियाँ ऐसे फैशनेबल कपड़े बनाते हैं कि जिनसे बेहयाई और बेशर्मी का इज़हार होता है पता नहीं इस मुसलमान को क्या हो गया है कि यह अब मज़हब को भी अपने दुनियवी शौक पूरे करने के लिये इस्तेमाल कर रहा है। और आज का फैशन पागलपन से ज़्यादा नहीं। अजीब अजीब तरह के कपड़े पहने जाते हैं न जाने कैसी कैसी पैन्ट शर्ट और बनियाने चल पड़ी हैं पैन्टों का तो यह हाल है कि कोई हिसाब समझ में नहीं आता की ढीली की टाइट इनमें बेतुकी अजीब अजीब तरह की जेबें कभी कहीं और कभी कहीं लगाई जाती हैं नीची इतनी कि सड़क पर खूब झाडू लग रही है कहीं पेवन्द से लटक रहे हैं बाज़ पैन्टों को देखकर लगता है कि वह फट गई है जगह जगह टुकड़े निवाले और पेवन्द लगाकर जुगाड़बाजी कर ली गई है मगर फैशन के नाम पर सब हज़म है कितना ही बुरा बेढंगा कपड़ा है लेकिन अगर फैशन में आ गया तो...

अलविदा का बयान

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🥀 अलविदा का बयान 🥀* ✏️ जुमअतुल-वदाअ रमज़ान शरीफ़ के आख़िरी जुमअ को कहने लगे हैं। यह कोई इस्लामी त्योहार नहीं है। रमज़ान के जुमओं की तरह यह भी सिर्फ एक जुमअ है। कर्आन व हदीस में इसकी अलग से कोई खुसूसियत या फज़ीलत नहीं आई है। चूंकि यह रमज़ान शरीफ़ का आख़िरी जुमअ है। अलविदा के माना रूख्सती के हैं। यानि अब रमज़ान का महीना रूख़्सत होने वाला है, इसलिए इसको जुमअतुल-वदाअ कहने लगे। आज के हालात को सामने रखते हुए यह बेहतर है कि इस दिन कोई ऐसा काम या ऐसी कोई बात न की जाए जिससे लोग इस जुमले की अलग से कोई खुसूसियत समझें। आला हज़रत इमाम अहमद रज़ा खाँ रहमतुल्लाह अलैह ने भी *📚 फतावा रज़विया जदीद, जिल्द 8, पेज 455 पर यही लिखा है।* अलविदा न कहकर इसको सिर्फ़ जुमअ का नाम ही दिया जाए तो ज़्यादा अच्छा है। और इसके खुतबे में वही पढ़ना फ़र्ज, वाजिब या सुन्नत है जो दूसरे जुमओं के खुतबों में है। किसी साल ऐसा होता है। कि रमज़ान के खुतबों में है। किसी साल ऐसा होता है कि रमज़ान की 30 तारीख़ जुमअ के दिन पड़ रही हो तो काफी लोग यह पूछते हैं कि अलविदा कौन-सा जुमअ होगा? क्योंकि अगर चांद 29 को हो ...

रमज़ान का आखिरी जुमुआ और क़ज़ा नमाज़

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🥀 रमज़ान का आखिरी जुमुआ और क़ज़ा नमाज़ 🥀* ✏️ कुछ लोग इस गलत फहमी में मुब्तला हैं के रमज़ान के आखिरी जुमे को चंद रकअतें पढ़ने से पूरी उम्र की क़ज़ा नमाज़ें मुआफ़ हो जाती है।  बाज़ जगहों पर तो इस का खास एहतेमाम भी किया जाता है के मानो कोई बम्पर ऑफर आया हो। एक मर्तबा मैंने अपने मुहल्ले की मस्जिद में देखा के एक इश्तेहार लगा हुआ है जिस में पूरी उम्र की क़ज़ा नमाज़ों को चुटकी में मुआफ़ करवाने का तरीका लिखा हुआ था और ताईद में चंद बे असल रिवायात भी लिखी हुई थी....,  मैंने फौरन उस इश्तेहार को वहाँ से हटा दिया और उस के लगाने वाले के मुतल्लिक दरियाफ्त किया लेकिन कुछ मालूम न हो सका। ऐसा ऑफर देखने के बाद वो लोग जिन की बीस तीस साल की नमाज़ें क़ज़ा है, अपने जज़्बात पर काबू नही कर पाते और असल जाने बिग़ैर इस पर यकीन कर लेते हैं।  इस तरह की बातें बिल्कुल गलत हैं और इन की कोई असल नही है, उलमा -ए- अहले सुन्नत ने इस का रद्द किया है और इसे नाजायज़ क़रार दिया है। इमाम -ए- अहले सुन्नत, आला हज़रत रहिमहुल्लाहू त'आला इस के मुताल्लिक़ लिखते हैं के ये जाहिलों की ईजाद और महज़ नाजायज़ व बातिल है।  *...

22 ‏रमज़ान उल मुबारक यौम ए शाहदत मुजाहिद ए जंग ए आज़ादी हज़रत अल्लामा किफायत अली काफ़ीرحمة الله عليه

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🥀 22 रमज़ान उल मुबारक यौम ए शाहदत मुजाहिद ए जंग ए आज़ादी हज़रत अल्लामा किफायत अली काफ़ीرحمة الله عليه 🥀* *कौन अल्लामा किफायत अली काफ़ी ?* वो अल्लामा किफायत अली काफ़ी शहीद जिनका नातिया कलाम खुद आला हज़रत इमाम ए इश्क़ आे मुहब्बत पसंद फरमाते थे! *कौन अल्लामा किफायत अली काफ़ी?* वो अल्लामा किफायत अली काफ़ी शहीद जिन्होंने अपने मुल्क की खातिर ज़ालिम अंग्रेज़ो के खिलाफ जिहाद किया और अपने दीनो मिल्लत की खातिर फांसी के फंदे को मुस्कुराते हुए चूम लिया! *कौन अल्लामा किफायत अली काफ़ी?*  वो अल्लामा किफायत अली काफ़ी शहीद जिनका रसूलुल्लाहﷺ के साथ वफ़ा का बड़ा ही मज़बूत ताअल्लुक था और जिनके इश्क़ ए रसूलﷺ का आलम ये था कि जिन्हों ने फांसी के फंदे पर लटकने से पहले अपनी आख़री खुवाहिश अपने आक़ाﷺ की बारगाह में नाते पाक पढ़ने के तौर पे ज़ाहिर फरमाई  और अपने प्यारे आक़ाﷺ की बारगाह में नाते पाक लिखी और यूं फरमाया... *कोई गुल बाक़ी रहेगा ना चमन रह जायेगा,*  *पर रसूलुल्लाह का दीने हसन रह जायेगा* *हमसफीरो बाग़ में हैं कोई दम का चहचहा* *बुलबुलें उड़ जाएंगी सूना चमन रह जायेगा* *अतलसो कम ...

DUA E NADE ALI AUR USKE 47 FAWAID

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴  *🥀 DUA E NADE ALI AUR USKE 47 FAWAID 🥀* 🎯 Dua e Nade Ali Maula e Kaaenat Maula Ali Shere Khuda ki Taraf Mansoob Hai  بِسْمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِیْمِ … نَادِ عَلِیًا مَّظْھَرَالْعَجَآئِبِ تَجِدْهُ عَوْنًا لَّكَ فِیْ النَّوَآئِبِ كُلُّ ھَمٍّ وَّ غَمٍّ سَیَنْجَلِیْ بِعَظَمَتِکَ یَا اللّٰهُ وَبِنَبُوَّتِکَ یَا رسول اللہﷺ  وَبِوَلَایَتِكَ یَا عَلِيُّ يَا عَلِيُّ يَا عَلِيُّ ○ *nade aliyyam mazharal ajaibi tajidhu aunal laka finnawaibi kullu hammiw wa gammin sayanjali biazmatika ya allahu binubuwwatika Rasullallahﷺ wabi wilayatika ya aliyyu ya aliyyu ya aliyyu* 💠 *DUA E NADE ALI AUR USKE 4⃣7⃣ FAWAID*⤵️ 1⃣ Mariz Jo Zindgi se Mayus ho chuka ho Rozana Barish K Pani p 7 Bar Padh kr Dm kr k Pilaye Shifa Ho. 2⃣ Badi se Badi Muhim aur Dushwari me Rozana 41 Bar Padhe Aasani ho 3⃣ Husule Maksad k Liye Rozana 66 Bar Padhe Jaiz Maksad Pura Ho 4⃣ Aaseb o Jinn k Khalal k Liye 15 Bar Pani p Dm kr k Muh p Chhinte de. Aaseb Jinn Dur Ho 5⃣ Dushman ko Magloob Kr...

Nade ALI Shareef Ka Mahe Ramzanul Mubarak ka mujarrab Amal

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴  *🥀Nade ALI Shareef Ka Mahe Ramzanul Mubarak ka mujarrab Amal 🥀* *Aaj apke samne MASLAKE AALA HAZRAT GROUP KI janib se Aaj tak rat yani ke mahe Ramzanul mubarak ki aaj Urdu ki 20 tarikh hai aur is hisab se aj bad maghrib se 21 vi shab shuru hoti hai yani k aj shab e Qadr Ki pahli tak raat hai*  *Is hisab se aj Shab e Qadr bhi hai to ap sabhi members is amal se zarur Fayda uthaye*  *Ye amal seerf aur seerf aj rat ko hi karna hai*  *Waise to is amal ke anginat fawaid hai usme se chand fawaid is tarah hai ke ap ise har pareshani k nijat ke liye yani k Jinnat k asrat se chutkara pane, Nazre bad k liye, Asre bad k liye, Jadu-tona k kat ke liye, Totka- ya fir koi aisi lailaaj beemari jo jitni bhi dawai lo kam nahi huyi aur nahi marz thik hota ho*  *Ye amal Ap har kam ke liy , har beemari ke liye, har jaiz maqsad ko hasil karne ke liye kar sakte ho* 🎯 *Amal ka tariqa* *2 Raqat nafil is tarah se padhni hai ke Syyeda HAZART ALI *رضی اللہ عنہ ko na...

Shab E Qadr Ko Aakhri Ashra Ki Taaq Raato Main Talash Karna

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🥀 Shab E Qadr Ko Aakhri Ashra Ki Taaq Raato Main Talash Karna 🥀* ✏️Hazrat Aaisha Sideeqa Sy Marwi Hai Ke RasoolALLAH ﷺ Ny Farmaya Shab E Qadr Ko Ramzan Ky Aakhri Ashry Ki Taaq Rato Main Talash Karo 📚 Sahi Bukhari Kitaab Fazail E Lailtul Qadr  Taaq Raat Yani 21,23,25,27,29 in Rat Me Aaj 21 Raat Hai Yani Pehli Taaq Raat 👑👑👑👑👑👑👑👑👑 *🏁 MASLAKE AALA HAZRAT 🔴* *👇 Scan Page 👇*

जंगे बद्र

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🥀 जंगे बद्र 🥀* "बद्र" मदिनए मुनव्वरह से तक़रीबन 80 मिल के फासिले पर एक गाउ का नाम है यहां एक कुआ भी था जिस के मालिक का नाम "बद्र" था उसी के नाम पर इस जगह का नाम "बद्र" रख दिया गया। *अल्लाह तआला ने जंगे बद्र के दिन का नाम "यौमुल फ़ुरक़ान" रखा।* क़ुरआन की सूरए अनफाल में तफ़सील के साथ और दूसरी सूरतो में इजमाल बार बार इस मारीके का ज़िक्र फरमाया *चुनान्चे 12 रमज़ान सी.2 ही.* को बड़ी उजलत के साथ लोग चल पड़े, जो जिस हाल में था उसी हाल में रवाना हो गया। इस लश्कर में हुज़ूर ﷺ के साथ न ज्यादा हथियार थे न फ़ौजी राशन की कोई बड़ी क़िक़दार थी, क्यू की किसी को गुमान भी न था की इस सफर में कोई बड़ी जंग होगी। *17 रमज़ान सी.2 हि. जुमुआ की रात* थी तमाम फ़ौज तो आराम व चैन की नींद सो रही थी मगर एक सरवरे काएनात की ज़ात थी जो सारी रात खुदा वन्दे आलम से लौ लगाए दुआ में मसरूफ़ थी। *कौन कब और कहा मरेगा* ये हूजुर ﷺ ने पेहले ही फ़रमा दिया था गैब की बातो का इल्म अल्लाह तआला ने अपने हबीब ﷺ को अता फ़रमाया था. *कुरआन ऐलान कर रहा है* कि जो लोग बाहर लड़े उन में तुम्हारे लिये इबर...

Gazwa e Badar Aur Aqeedah e Ahl e Sunnat

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🥀 Gazwa e Badar Aur Aqeedah e Ahl e Sunnat 🥀* *✍🏻 Rizwan Mustafai* *17 Ramadan 2 Hijri Baroz e Jumah*  *Gazwa* e Badar ka waqiya Maidan e Bdr me pesh aaya iss Gazwe ko Badar Kubra aur Badar e Uzma bhi kaha jata hai... *Kayi* saalo se hum iss Gazwa ke mutaliq bahot se waqiyaat Sunnte aaye hai aaj mai  *Gazwa e Badar aur Aqeedah e Ahl e Sunnat*  ke mutaliq kuch points tahreer kr rha hun *Ahl e haq Ahl e Mohabbat* ke dil me khushi dakhil krne ki niyat se... *Ye puri tahreer Shaikh e Mohaqiqq Hazrat Shaikh Muhaddis e Dehlvi alaihi rehma ki kitab Madaraj un Nabuwat se hai tamam makatib e fikr ke log inn se mutafiqq hai...* *1)Huzur hamari Tarah nhi hai* *Safar* e Badar me Huzur Alaihissalam ke sathi sawar Hazrat e Ali aur Hazrat e Zaid bin Haris radi Allahu anhuma the jb Huzur Alaihissalam ke paidal chalne ki baari aati thi to wo kehte the Ya Rasool Allah aap sawar ho aur hum aapke sth paidal chalege, iss par huzur e paak farmate the ke  *"Tum Muj...

Hazrat Abul Barkaat Sayyed Shaah Aale Muhammad Marehrawi ‎رحمۃ اللہ تعالٰی علیہ ‏

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🥀 Hazrat Abul Barkaat Sayyed Shaah Aale Muhammad Marehrawi رحمۃ اللہ تعالٰی علیہ 🥀* Hazrat Abul Barkaat Sayyed Shaah Aale Muhammad Marehrawi rahmatullāhi alaihi : Aap ki wilaadat 18 Ramazaan 1111 Hijri (9 March 1700 A.D.) Jumeraat ke roz Bilgram me hui. Aap ke waalid ka naam Hazrat Sayyed Shaah Barkaatullāh Marehrawi bin Sayyed Shaah Uwais rahmatullāhi alaihi aur waalida ka naam Wafiyah Bibi binte Sayyed Maudood Bilgrami hai. Aap Husaini saadaat hai. Aur Hazrat Sayyed Zaid bin Imaam Zain-ul-Aabideen rahmatullāhi alaihi ki nasl se hain. 1118 Hijri (1706 A.D.) me Aap ke waalid Marehra tashreef laaye. Yaha un ke liye ek makaan banaaya gaya. Phir Aap ne apne pariwaar ko Marehra bula liya. **************** Aap ne apne waalid Hazrat Sayyed Shaah Barkaatullāh rahmatullāhi alaihi se ta’aleem o tarbiyat haasil ki. **************** Apne waalide maajid ke farmaan par Aap ne Gosha nasheeni ikhtiyaar ki. Is dauraan rozaana Aap sirf jau ki tikiya tanaawul farmaate. Taqreeban ...

Allah ke 4 Wali jinhone Pura Ramzan Doodh na piya

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🥀 Allah ke 4 Wali jinhone Pura Ramzan Doodh na piya 🥀*  1) 💙 *Hazrat Gaus e azam Sheikh Abdul Qadir Jilani Rehmatullah alaih* 💙 Hazrat Sarkar Gaus e Azam jo saare peero ke peer aur walio ke wali hai, apki wiladat 1 Ramzan 470 hijri me hui thi. Sarkar gaus pak ki jab paidaish hui to usi din jilaan me 1100 ladhke paida hue aur sabke sab wali thay. Ap jab navjaat bacche thay to apke bare mein ye bat mash'hoor ho gayi thi ke Hazrat Abu saleh Rehmatullah alaih ka beta jo hai wo sehri se lekar iftar tak doodh nahi pita aur roze se rehta hai. Us din ke bad Jab bhi Mah e Ramzan ka chand aasman mein nahi dikhta tha to log apki maa se puchte ke aaj bacche ne din me doodh piya tha ya nahi.  2) 🧡 *Hazrat Baba Fareed Masood Ganjshakar Rehmatullah alaih* 🧡 Ap Hazrat Baba Fareed chishtiya silsile ke bohot azeem buzurg guzre hai, Ap Hazrat Nizamuddin Auliya Rehmatullah alaih ke peer aur Hazrat Makhdoom Sabir Pak ke mamu thay. Hazrat Baba fareed ki wiladat bhi 1 Ram...

एतिकाफ़ का बयान

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🥀 एतिकाफ़ का बयान 🥀* *पोस्ट- 18* ✏️ रमज़ान शरीफ के आख़िरी अशरे में मस्जिद जमात (जिस मस्जिद में बा जामाअत नमाज़ अदा की जाती है।) में एतिकाफ की नीयत से ठहरना सुन्नते मुअक्किदा किफाया है। अगर मुहल्ले बस्ती का एक शख़्स अदा करे तो सबके जिम्मे से उतर जायेगा और कोई न करे तो सब तारिके सुन्त हुए। बीस तारीख़ को सूरज डूबने से कुछ पहले मस्जिद में पहुंच जाए और फिर 29 को चांद देखकर या 30 को सूरज डूबने के बाद मस्जिद से बाहर आए। जो एतिकाफ़ करे उसके लिए इन दिनों में हर वक़्त मस्जिद में ही रहना ज़रूरी है। पाखाने, पेशाब, गुस्ले फर्ज या दूसरी मस्जिद में जुमा पढ़ने के लिए मस्जिद से बाहर जा सकता है। जब कि जिस मस्जिद मैं एतिकाफ़ के लिये बैठे हैं उस में जूमा न होता हो इस किस्म की शरई या तबई ज़रूरतों के बगैर बाहर आने से एतिकाफ टूट जाएगा। *हज़रत सदरुश्शरीया मौलाना अमजद अली साहब रहमतुल्लाह तआला अलैह* ने लिखा है कि फ़नाऐ मस्जिद यानी मस्जिद के अन्दर की वह जगहें जो नमाज़ के अलावा दूसरे कामों के लिए बनायी गयी हैं, जैसे गुस्ल ख़ाना, जूते उतारने की जगह। ऐसी जगहों में आने से एतिकाफ नहीं टूटता।...