लाउडस्पीकर का बेजा इस्तेमाल 2
🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🥀 लाउडस्पीकर का बेजा इस्तेमाल 2 🥀* *पोस्ट-17* ✏️ और बाज़ जगह तो यह अंधेर है मोहल्ले या बस्ती मे करीब करीब मस्जिदें हैं और रमज़ान में सहरी के वक्त हर मस्जिदवसे तेज़ आवाज़ वाले लाउडस्पीकर के ज़रिये नातिया और तकरीरी प्रोग्राम नशर किये जा रहे हैं और आवाजें एक दूसरे से टकरा रही हैं और सिवाये शोर और हंगामे के कुछ भी समझ में नहीं आ रहा है। ऐसा लग रहा है कि जैसे दीनी बातों और इस्लामी आवाजों के साथ खिलवाड़ सा हो रहा है। और आजकल दिल दिमाग के मरीजों की तादाद बहुत तेज़ी से बढ़ गई है और बढ़ रही है ऐसे मरीज़ों के लिये तेज़ आवाजें सख़्त नुक्सान देने वाली हैं और यह जो माहौल सामने आया है कि हर शख़्स फ्री है जो जब जहाँ चाहे मजलिसों, महफिलों या ऐलानात के नाम पर अपने घर या किसी मज़हबी मुकाम से लाउडस्पीकर लगाकर ज़बरदस्ती लोगों को सुनाना या परेशान करना शुरू कर देता है। इसपर पाबन्दी की सख्त ज़रूरत है ख़्वाह किसी मज़हब का मामला हो और यह मज़हब का गलत इस्तेमाल है। महफ़िलों मजलिसों में इस किस्म के माइक्रोफोन इस्तेमाल किये जायें जिनकी आवाज़ अन्दर पिंडाल या हाल में रहे खासकर रात के वक़्त एक...